हुक अप लिरिक्स – नेहा कक्कड़ & शेखर रावजिआनी

हो आँख मेरी 100 -100 बारी
200 बारी लड़ लड़ जावे
हो जिसे देख दिल मेरा
पीछे पीछे पर पर जावे

हाय दिन में यह तेरे घर
कहीं और गुजरे ये रातें
हो कर ना जो दूजी दफा
पहली बार कर कर जावे

हो मतलब के समझे इशारे ये सारे
ये जो नज़रों में अपनी उतारे नज़ारे
वह जो सुबह तक न उतरे
हर रात नशा चढ़ता है

लेले ले ले ले ले नंबर मेरा
बाद में मैसेज मुझको कर देना
खुद को समझ के लकी
मुझसे हुक अप तू कर लेना X [2]

हो कभी इसे , कभी उसे
देखूं आते जाते
कर लूँ मुलाकातें
मैं तो ज़रा वादों का कच्चा हूँ
झूठा ही अच्छा हूँ

सीधी सादी मेरे दिल की साफ़ है बातें
अच्छी लगी रातें
तो देदे एक लम्हा तू बाहों में
अनजानी राहों में

ख्वाबों में आना जाना
हो गया है अब पुराना
ऐ सीधे तू मिलने आना
दिल मेरा करता है

लेले ले ले ले ले नंबर मेरा
बाद में मैसेज मुझको कर देना
खुद को समझ के लकी
मुझसे हुक अप तू कर लेना X [2]

200 बारी लड़ लड़ जावे
हो जिसे देख दिल मेरा
पीछे पीछे पर पर जावे

हाय दिन में यह तेरे घर
कहीं और गुजरे ये रातें
हो कर ना जो दूजी दफा
पहली बार कर कर जावे

हो मतलब के समझे इशारे ये सारे
ये जो नज़रों में अपनी उतारे नज़ारे
वह जो सुबह तक न उतरे
हर रात नशा चढ़ता है

लेले ले ले ले ले नंबर मेरा
बाद में मैसेज मुझको कर देना
खुद को समझ के लकी
मुझसे हुक अप तू कर लेना X [2]